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$PIGGY is showing signs of a strong comeback, bouncing over 10% to reclaim $1.16 after testing the $0.99 zone. Buyers are stepping back in, defending support with confidence as momentum starts to rebuild. With a market cap of $8.41M and $1.5M in liquidity, the setup looks ripe for a potential reversal if volume continues to rise. A break above $1.30 could ignite the next leg toward $1.70–$2.00. PIGGY might just be warming up before its next powerful move. $PIGGY #cryptooinsigts #Hindi
$PIGGY is showing signs of a strong comeback, bouncing over 10% to reclaim $1.16 after testing the $0.99 zone. Buyers are stepping back in, defending support with confidence as momentum starts to rebuild.

With a market cap of $8.41M and $1.5M in liquidity, the setup looks ripe for a potential reversal if volume continues to rise. A break above $1.30 could ignite the next leg toward $1.70–$2.00.

PIGGY might just be warming up before its next powerful move.

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in India crypto market is very low because of lack of information . so, from today will write in #HINDI so common person can understand crypto market and discussion of it.. #Be_Binancian
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so, from today will write in #HINDI so common person can understand crypto market and discussion of it..
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Carbon Emissions by Country — Who’s heating up the planet? From factories to fossil fuels, these five nations are emitting the most CO₂ annually. देश के अनुसार कार्बन उत्सर्जन - कौन ग्रह को गर्म कर रहा है? कारखानों से लेकर जीवाश्म ईंधन तक, ये पाँच देश सालाना सबसे ज़्यादा CO₂ उत्सर्जित कर रहे हैं। $BTC $XRP #Hindi #news
Carbon Emissions by Country — Who’s heating up the planet? From factories to fossil fuels, these five nations are emitting the most CO₂ annually.
देश के अनुसार कार्बन उत्सर्जन - कौन ग्रह को गर्म कर रहा है? कारखानों से लेकर जीवाश्म ईंधन तक, ये पाँच देश सालाना सबसे ज़्यादा CO₂ उत्सर्जित कर रहे हैं।
$BTC $XRP
#Hindi #news
Supreme Court dismisses petition seeking regulatory framework for cryptocurrencyNew Delhi: The Supreme Court on Wednesday refused to consider a petition seeking the creation of a regulator for cryptocurrency. The bench of Justice BR Gavai and Justice Augustine George Masih stated that this decision falls within the jurisdiction of policymakers, not the judiciary.

Supreme Court dismisses petition seeking regulatory framework for cryptocurrency

New Delhi: The Supreme Court on Wednesday refused to consider a petition seeking the creation of a regulator for cryptocurrency. The bench of Justice BR Gavai and Justice Augustine George Masih stated that this decision falls within the jurisdiction of policymakers, not the judiciary.
writing a post in hindi Cryptocurrency has many benefits that have given it an important place in the digital world. Let's learn about some of its key advantages: Decentralized: There is no control of a single entity, which increases transparency. Secure: Cryptography protects it from fraud and hacking. Fast Transactions: Transactions are faster compared to traditional banking systems. Low Fees: The absence of intermediaries reduces transaction fees. #HindiCrypto #Hindi #Binance #mothertoungue
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Cryptocurrency has many benefits that have given it an important place in the digital world. Let's learn about some of its key advantages:

Decentralized: There is no control of a single entity, which increases transparency.

Secure: Cryptography protects it from fraud and hacking.

Fast Transactions: Transactions are faster compared to traditional banking systems.

Low Fees: The absence of intermediaries reduces transaction fees.

#HindiCrypto #Hindi #Binance #mothertoungue
Shiba Inu Price Prediction 2025, 2030, 2040, 2050, क्या $1 को छू पाएगा?जानिए Shiba Inu, सप्लाई और इकोसिस्टम के बारे में $SHIB एक क्रिप्टो प्रोजेक्ट है, जिसे 2020 में लॉन्च किया गया था। इसे Ryoshi नाम के व्यक्ति या ग्रुप ने बनाया था। SHIB इस प्रोजेक्ट का नेटिव टोकन है। Shiba Inu Ecosystem में कई फीचर के साथ एक्टिव है और वर्ल्ड में लाखों लोगों की Decentralized कम्युनिटी इसे सपोर्ट करती है। आज हम इस आर्टिकल में इसके Price Prediction के बारे में चर्चा करेंगे। SHIB Tokenomics और सप्लाई, क्यों जरुरी है बर्निंग मैकेनिज्म SHIB Tokenomics और बर्निंग मैकेनिज्म इसकी लॉन्ग टर्म वैल्यू और निवेशकों के आकर्षण का बेस है। SHIB की टोटल सप्लाई शुरू में 1 क्वाड्रिलियन थी, लेकिन बर्निंग के जरिए इसे कम किया जा रहा है। बर्निंग मैकेनिज्म के द्वारा सप्लाई को कम करके इसकी प्राइस में वृद्धि हो सकती है। सप्लाई-  शुरुआती 1 क्वाड्रिलियन में से लगभग 410 ट्रिलियन टोकन्स बर्न हो चुके हैं, जिससे सर्कुलेटिंग सप्लाई 589.24 ट्रिलियन रह गई है।बर्निंग मैकेनिज्म- ShibaSwap ट्रांजेक्शन्स, Shibarium गैस फीस, और कम्युनिटी इवेंट्स - के जरिए टोकन्स बर्न किए जाते हैं।महत्व-  कम सप्लाई से डिमांड बढ़ने पर कीमत स्थिर होती है, जिससे SHIB डिफ्लेशनरी बनता है।ShibArmy की भूमिका-  कम्युनिटी बर्न इवेंट्स और Shibarium की स्केलेबिलिटी इसे और प्रभावी बनाती है। यह स्ट्रेटेजी SHIB को आकर्षक और सस्टेनेबल बनाती है। Shiba Inu Ecosystem में शामिल हैं- ShibaSwap- यह एक Decentralized Exchange है जो स्टेकिंग, लिक्विडिटी पूल और यील्ड फार्मिंग की सुविधा देता है। Shibarium- यह हाल ही में लॉन्च किया गया Layer-2 Blockchain Solution जो ट्रांजैक्शन को तेज़ और सस्ता बनाता है।SHIB The Metaverse- एक मेटावर्स प्लेटफॉर्म जहां निवेशक वर्चुअल लैंड खरीद सकते हैं और डिजिटल इवेंट्स में पार्टिसिपेंट कर सकते हैं।Shiboshis- 2000 Shiba Inu जनरेटेड NFTs, जो एक्सपेरिमेंटल टेस्ट और कम्युनिटी एंगेजमेंट के लिए बनाए गए हैं। Shiba Inu Ecosystem टोकन बर्न में SHIB, BONE, LEASH, और TREAT की भूमिका Shiba Inu Ecosystem का टोकन बर्न मैकेनिज्म SHIB की सप्लाई कम करके इसकी वैल्यू बढ़ाने का लक्ष्य रखता है। ShibArmy और Shibarium की स्केलेबिलिटी इसे डिफ्लेशनरी और निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है। इस इकोसिस्टम में शामिल टोकन और इनकी भूमिका इस प्रकार है- SHIB- मुख्य टोकन, बर्निंग प्रोसेस के द्वारा इसकी सप्लाई कम करना मुख्य लक्ष्य। ShibaSwap पर स्वैप, ट्रांजेक्शन्स और Shibarium गैस फीस का हिस्सा बर्न होता है।BONE- Shibarium का गवर्नेंस और गैस टोकन। नेटवर्क फीस का कुछ हिस्सा SHIB में कन्वर्ट होकर बर्न होता है।LEASH- हाई वैल्यू NFT और मेटावर्स से जुड़ा। Shiboshis NFT या मेटावर्स लैंड खरीद में उपयोग से बर्न को सपोर्ट करता है।TREAT- यूटिलिटी और रिवॉर्ड टोकन। भविष्य में गेमिंग और NFT बर्न इवेंट्स में योगदान देगा। इकोसिस्टम में शामिल इन सभी टोकन के मैकेनिज्म में Shib Burn जोड़ा गया है, ऐसे में अगर इनका उपयोग बढ़ता है तो इसकी सप्लाई भी तेजी से कम हो सकती है। CoinMarketCap के अनुसार, SHIB आज 14 October 2025 को $0.00001081 पर ट्रेड कर रहा है, जो लॉन्च प्राइस से शानदार उछाल दर्शाता है। यह टोकन $6.37B के मार्केट कैप और 24 घंटे में 7.28% ग्रोथ के साथ इसने शुरुआती निवेशकों का ध्यान पूरी तरह अपनी ओर खींचने में सफल रहा है। Source- यह इमेज CoinMarketCap से ली गई है। Shiba Inu Price Prediction 2025 इस उथल-पुथल के बीच इसकी प्राइस 2025 में मार्केट ट्रेंड और नेटवर्क डेवलपमेंट्स पर निर्भर करेगा। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अगर Shibarium और अन्य बर्न मेकैनिज़्म सफल रहते हैं, तो इसकी प्राइस $0.000010 से $0.000050 के बीच रह सकती है।  Memecoin होने के बावजूद इसकी कम्युनिटी स्ट्रॉन्ग है और इसका डेफ्लेशनरी मॉडल इसे लंबे समय तक सपोर्ट दे सकता है। हालांकि, मार्केट वोलैटिलिटी और Bitcoin ($BTC ) की दिशा इसके मूवमेंट को प्रभावित कर सकती है। यदि मार्केट बुलिश रहता है, तो 2025 में इसका प्राइस तेजी से बढ़ सकता है। Shiba Inu Price Prediction 2030 मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर Shibarium Network का विस्तार होता रहा और बर्न रेट में तेजी आती है, तो इसके प्राइस में वृद्धि देखने को मिल सकती है। ऐसी स्थिति में 2030 तक इसका Price $0.0002 से $0.0004 के बीच पहुँच सकता है।  इसकी कम्युनिटी लगातार प्रोजेक्ट डेवलपमेंट्स और नए पार्टनरशिप्स पर फोकस कर रही है, जिससे इसका लॉन्ग टर्म प्राइस आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि 2030 में इसकी प्राइस पर क्रिप्टो मार्केट की वोलैटिलिटी और रेगुलेटरी बदलाव असर डाल सकते हैं। फिर भी इस को एक पोटेंशियल लॉन्ग टर्म टोकन माना जा रहा है। Shiba Inu Price Prediction 2040 एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यह अपने इकोसिस्टम को मजबूत करता रहा और Shibarium जैसी डेवलपमेंट्स को आगे बढ़ाता रहा, तो इसमें लॉन्ग टर्म में ग्रोथ देखने को मिल सकती है। ऐसी स्थिति में, 2040 तक Shiba Inu Price $0.004 से $0.008 के बीच रह सकती है।  प्रोजेक्ट की बढ़ती कम्युनिटी, बर्न रेट में सुधार और Defi सेक्टर में इसकी भागीदारी आने वाले सालों में इसकी वैल्यू को सपोर्ट कर सकती है। हालांकि, 2040 तक इसका प्राइस ट्रेंड काफी हद तक मार्केट कंडीशंस और रेगुलेटरी फैक्टर्स पर निर्भर करेगी। Shiba Inu Price Prediction 2050 मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर SHIB लगातार अपने बर्न मेकैनिज्म को मजबूत करता रहा, Shibarium और अन्य प्रोजेक्ट्स के जरिए रियल यूज केस बनाता रहा, तो इसकी प्राइस में वृद्धि हो सकती है।  CryptoHindiNews एनालिस्ट के अनुसार, 2050 तक SHIB Price $0.008 से $0.01 और उससे ऊपर भी जा सकती है लेकिन उसके लिए मार्केट में ग्लोबल क्रिप्टो अडॉप्शन, रेगुलेटरी सपोर्ट और यूज़र बेस में ग्रोथ देखने को मिलनी चाहिए तब ही ये संभव हो सकेगा। क्या SHIB Price $1 तक पहुँच पाएगी, जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक कीजिए।  कन्क्लूजन SHIB ने 2020 में Dogecoin Killer के रूप में एंट्री की थी, लेकिन आज यह DeFi, NFT और Metaverse जैसे इनोवेटिव सेक्टर्स में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। Shibarium जैसे प्रोजेक्ट्स, बर्न मेकैनिज़्म और डेफ्लेशनरी मॉडल ने इसे केवल एक Meme Coin से आगे बढ़कर एक सस्टेनेबल क्रिप्टो प्रोजेक्ट में बदल दिया है। 2025, 2030, 2040, 2050 में Shiba Inu की ग्रोथ इसकी कम्युनिटी स्ट्रेंथ, नेटवर्क डेवलपमेंट्स और मार्केट ट्रेंड्स पर निर्भर करेगी। अगर टीम लगातार इनोवेशन और यूज केस पर काम करती रही, तो 2025 से लेकर 2050 तक SHIB क्रिप्टो मार्केट में एक लॉन्ग टर्म टोकन के रूप में उभर सकता है।  Disclaimer- क्रिप्टो मार्केट वोलेटाइल है, किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले अपनी रिसर्च जरुर करें। यह प्राइस प्रेडिक्शन वर्तमान मार्केट कंडीशन को देख कर लिखा गया है।  To know More Visit- Crypto hindi news #CryptoHindiNews #India #ShibaInu #CryptoPrediction #Hindi

Shiba Inu Price Prediction 2025, 2030, 2040, 2050, क्या $1 को छू पाएगा?

जानिए Shiba Inu, सप्लाई और इकोसिस्टम के बारे में
$SHIB एक क्रिप्टो प्रोजेक्ट है, जिसे 2020 में लॉन्च किया गया था। इसे Ryoshi नाम के व्यक्ति या ग्रुप ने बनाया था। SHIB इस प्रोजेक्ट का नेटिव टोकन है। Shiba Inu Ecosystem में कई फीचर के साथ एक्टिव है और वर्ल्ड में लाखों लोगों की Decentralized कम्युनिटी इसे सपोर्ट करती है। आज हम इस आर्टिकल में इसके Price Prediction के बारे में चर्चा करेंगे।
SHIB Tokenomics और सप्लाई, क्यों जरुरी है बर्निंग मैकेनिज्म
SHIB Tokenomics और बर्निंग मैकेनिज्म इसकी लॉन्ग टर्म वैल्यू और निवेशकों के आकर्षण का बेस है। SHIB की टोटल सप्लाई शुरू में 1 क्वाड्रिलियन थी, लेकिन बर्निंग के जरिए इसे कम किया जा रहा है। बर्निंग मैकेनिज्म के द्वारा सप्लाई को कम करके इसकी प्राइस में वृद्धि हो सकती है।
सप्लाई-  शुरुआती 1 क्वाड्रिलियन में से लगभग 410 ट्रिलियन टोकन्स बर्न हो चुके हैं, जिससे सर्कुलेटिंग सप्लाई 589.24 ट्रिलियन रह गई है।बर्निंग मैकेनिज्म- ShibaSwap ट्रांजेक्शन्स, Shibarium गैस फीस, और कम्युनिटी इवेंट्स - के जरिए टोकन्स बर्न किए जाते हैं।महत्व-  कम सप्लाई से डिमांड बढ़ने पर कीमत स्थिर होती है, जिससे SHIB डिफ्लेशनरी बनता है।ShibArmy की भूमिका-  कम्युनिटी बर्न इवेंट्स और Shibarium की स्केलेबिलिटी इसे और प्रभावी बनाती है।
यह स्ट्रेटेजी SHIB को आकर्षक और सस्टेनेबल बनाती है।
Shiba Inu Ecosystem में शामिल हैं-
ShibaSwap- यह एक Decentralized Exchange है जो स्टेकिंग, लिक्विडिटी पूल और यील्ड फार्मिंग की सुविधा देता है। Shibarium- यह हाल ही में लॉन्च किया गया Layer-2 Blockchain Solution जो ट्रांजैक्शन को तेज़ और सस्ता बनाता है।SHIB The Metaverse- एक मेटावर्स प्लेटफॉर्म जहां निवेशक वर्चुअल लैंड खरीद सकते हैं और डिजिटल इवेंट्स में पार्टिसिपेंट कर सकते हैं।Shiboshis- 2000 Shiba Inu जनरेटेड NFTs, जो एक्सपेरिमेंटल टेस्ट और कम्युनिटी एंगेजमेंट के लिए बनाए गए हैं।
Shiba Inu Ecosystem टोकन बर्न में SHIB, BONE, LEASH, और TREAT की भूमिका
Shiba Inu Ecosystem का टोकन बर्न मैकेनिज्म SHIB की सप्लाई कम करके इसकी वैल्यू बढ़ाने का लक्ष्य रखता है। ShibArmy और Shibarium की स्केलेबिलिटी इसे डिफ्लेशनरी और निवेशकों के लिए आकर्षक बनाती है। इस इकोसिस्टम में शामिल टोकन और इनकी भूमिका इस प्रकार है-
SHIB- मुख्य टोकन, बर्निंग प्रोसेस के द्वारा इसकी सप्लाई कम करना मुख्य लक्ष्य। ShibaSwap पर स्वैप, ट्रांजेक्शन्स और Shibarium गैस फीस का हिस्सा बर्न होता है।BONE- Shibarium का गवर्नेंस और गैस टोकन। नेटवर्क फीस का कुछ हिस्सा SHIB में कन्वर्ट होकर बर्न होता है।LEASH- हाई वैल्यू NFT और मेटावर्स से जुड़ा। Shiboshis NFT या मेटावर्स लैंड खरीद में उपयोग से बर्न को सपोर्ट करता है।TREAT- यूटिलिटी और रिवॉर्ड टोकन। भविष्य में गेमिंग और NFT बर्न इवेंट्स में योगदान देगा।
इकोसिस्टम में शामिल इन सभी टोकन के मैकेनिज्म में Shib Burn जोड़ा गया है, ऐसे में अगर इनका उपयोग बढ़ता है तो इसकी सप्लाई भी तेजी से कम हो सकती है।
CoinMarketCap के अनुसार, SHIB आज 14 October 2025 को $0.00001081 पर ट्रेड कर रहा है, जो लॉन्च प्राइस से शानदार उछाल दर्शाता है। यह टोकन $6.37B के मार्केट कैप और 24 घंटे में 7.28% ग्रोथ के साथ इसने शुरुआती निवेशकों का ध्यान पूरी तरह अपनी ओर खींचने में सफल रहा है।

Source- यह इमेज CoinMarketCap से ली गई है।
Shiba Inu Price Prediction 2025
इस उथल-पुथल के बीच इसकी प्राइस 2025 में मार्केट ट्रेंड और नेटवर्क डेवलपमेंट्स पर निर्भर करेगा। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि अगर Shibarium और अन्य बर्न मेकैनिज़्म सफल रहते हैं, तो इसकी प्राइस $0.000010 से $0.000050 के बीच रह सकती है। 
Memecoin होने के बावजूद इसकी कम्युनिटी स्ट्रॉन्ग है और इसका डेफ्लेशनरी मॉडल इसे लंबे समय तक सपोर्ट दे सकता है। हालांकि, मार्केट वोलैटिलिटी और Bitcoin ($BTC ) की दिशा इसके मूवमेंट को प्रभावित कर सकती है। यदि मार्केट बुलिश रहता है, तो 2025 में इसका प्राइस तेजी से बढ़ सकता है।
Shiba Inu Price Prediction 2030
मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर Shibarium Network का विस्तार होता रहा और बर्न रेट में तेजी आती है, तो इसके प्राइस में वृद्धि देखने को मिल सकती है। ऐसी स्थिति में 2030 तक इसका Price $0.0002 से $0.0004 के बीच पहुँच सकता है। 
इसकी कम्युनिटी लगातार प्रोजेक्ट डेवलपमेंट्स और नए पार्टनरशिप्स पर फोकस कर रही है, जिससे इसका लॉन्ग टर्म प्राइस आउटलुक पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि 2030 में इसकी प्राइस पर क्रिप्टो मार्केट की वोलैटिलिटी और रेगुलेटरी बदलाव असर डाल सकते हैं। फिर भी इस को एक पोटेंशियल लॉन्ग टर्म टोकन माना जा रहा है।
Shiba Inu Price Prediction 2040
एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर यह अपने इकोसिस्टम को मजबूत करता रहा और Shibarium जैसी डेवलपमेंट्स को आगे बढ़ाता रहा, तो इसमें लॉन्ग टर्म में ग्रोथ देखने को मिल सकती है। ऐसी स्थिति में, 2040 तक Shiba Inu Price $0.004 से $0.008 के बीच रह सकती है। 
प्रोजेक्ट की बढ़ती कम्युनिटी, बर्न रेट में सुधार और Defi सेक्टर में इसकी भागीदारी आने वाले सालों में इसकी वैल्यू को सपोर्ट कर सकती है। हालांकि, 2040 तक इसका प्राइस ट्रेंड काफी हद तक मार्केट कंडीशंस और रेगुलेटरी फैक्टर्स पर निर्भर करेगी।
Shiba Inu Price Prediction 2050
मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर SHIB लगातार अपने बर्न मेकैनिज्म को मजबूत करता रहा, Shibarium और अन्य प्रोजेक्ट्स के जरिए रियल यूज केस बनाता रहा, तो इसकी प्राइस में वृद्धि हो सकती है। 
CryptoHindiNews एनालिस्ट के अनुसार, 2050 तक SHIB Price $0.008 से $0.01 और उससे ऊपर भी जा सकती है लेकिन उसके लिए मार्केट में ग्लोबल क्रिप्टो अडॉप्शन, रेगुलेटरी सपोर्ट और यूज़र बेस में ग्रोथ देखने को मिलनी चाहिए तब ही ये संभव हो सकेगा।
क्या SHIB Price $1 तक पहुँच पाएगी, जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक कीजिए। 
कन्क्लूजन
SHIB ने 2020 में Dogecoin Killer के रूप में एंट्री की थी, लेकिन आज यह DeFi, NFT और Metaverse जैसे इनोवेटिव सेक्टर्स में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। Shibarium जैसे प्रोजेक्ट्स, बर्न मेकैनिज़्म और डेफ्लेशनरी मॉडल ने इसे केवल एक Meme Coin से आगे बढ़कर एक सस्टेनेबल क्रिप्टो प्रोजेक्ट में बदल दिया है।
2025, 2030, 2040, 2050 में Shiba Inu की ग्रोथ इसकी कम्युनिटी स्ट्रेंथ, नेटवर्क डेवलपमेंट्स और मार्केट ट्रेंड्स पर निर्भर करेगी। अगर टीम लगातार इनोवेशन और यूज केस पर काम करती रही, तो 2025 से लेकर 2050 तक SHIB क्रिप्टो मार्केट में एक लॉन्ग टर्म टोकन के रूप में उभर सकता है। 
Disclaimer- क्रिप्टो मार्केट वोलेटाइल है, किसी भी इन्वेस्टमेंट से पहले अपनी रिसर्च जरुर करें। यह प्राइस प्रेडिक्शन वर्तमान मार्केट कंडीशन को देख कर लिखा गया है। 

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SHIB price prediction strong, confidence in Shiba Inu has increased in the marketMarket recovery signals Shiba Inu ($SHIB ) has been trading at around $0.000008732, with a gain of 1.62% over the last 24 hours. Recent price movement and its support-resistance zone indicate that there is a potential for further price increase in the near future.

SHIB price prediction strong, confidence in Shiba Inu has increased in the market

Market recovery signals
Shiba Inu ($SHIB ) has been trading at around $0.000008732, with a gain of 1.62% over the last 24 hours. Recent price movement and its support-resistance zone indicate that there is a potential for further price increase in the near future.
Chainlink ($LINK) Price Prediction: $100 की उड़ान की तैयारी!मिड-अक्टूबर की गिरावट से नई तेजी की शुरुआत मिड-अक्टूबर में $LINK की कीमत लगभग $15 तक गिर गई थी, लेकिन इस मौके का फायदा बड़े निवेशकों ने उठाया। उन्होंने तेजी से बड़ी मात्रा में LINK खरीदना शुरू किया, जिससे टोकन में दोबारा जान आ गई। यह कदम इस बात का संकेत है कि बाजार चेनलिंक के भविष्य और ब्लॉकचेन इकोसिस्टम में उसकी अहमियत पर भरोसा कर रहा है। चेनलिंक फिलहाल विकेन्द्रीकृत ओरेकल मार्केट का लगभग 67% हिस्सा रखता है, 60+ ब्लॉकचेन से जुड़ा है और $93 बिलियन से अधिक ऑन-चेन वैल्यू को सुरक्षित कर रहा है। इसका Cross-Chain Interoperability Protocol (CCIP) ब्लॉकचेन और पारंपरिक वित्तीय सिस्टम को सहज रूप से जोड़ता है। Swift, UBS, और J.P. Morgan जैसे दिग्गज पहले से ही इसकी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे LINK एक प्रमुख DeFi एसेट बनता जा रहा है। जैसे-जैसे रियल-वर्ल्ड डेटा की मांग बढ़ती जा रही है, चेनलिंक वैश्विक वित्तीय ढांचे का एक अनिवार्य हिस्सा बनता जा रहा है। 📈 निवेशकों की सक्रियता और रिकवरी अक्टूबर के मध्य में अमेरिका-चीन व्यापार तनाव के चलते LINK लगभग $15 तक फिसल गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में $10.2 मिलियन से अधिक मूल्य का LINK एक्सचेंजों से हटा लिया गया — साफ संकेत कि बड़े निवेशक अपनी पोजीशन बना रहे हैं। इसके बाद कीमत फिर से $18 से ऊपर पहुंच गई, जिससे पता चलता है कि खरीदारों का भरोसा अभी भी मजबूत है। विश्लेषकों का मानना है कि यह मौजूदा स्थिरता अगले बड़े उछाल से पहले की शांति हो सकती है। 🔍 तकनीकी विश्लेषण: अगले लक्ष्य पर नजर वर्तमान में $LINK लगभग $19.67 पर ट्रेड कर रहा है। RSI ओवरसोल्ड जोन से ऊपर चढ़ रहा है और MACD पॉजिटिव हो गया है — दोनों संकेत तेजी के हैं। 4-घंटे के चार्ट पर एक सिमेट्रिकल ट्रायंगल बन रहा है, जो ब्रेकआउट होने पर कीमत को $23–$24 तक ले जा सकता है। 🛡️ सपोर्ट: ~$17.80 🚀 रेसिस्टेंस: ~$22.50 – $24 अगर यह मोमेंटम बरकरार रहता है, तो LINK महीने के अंत तक ऊपरी रेसिस्टेंस को टेस्ट कर सकता है। 📅 अक्टूबर और साल के अंत का प्राइस प्रेडिक्शन अक्टूबर: $18 – $22 के बीच ट्रेडिंग की संभावना, महीने के अंत तक $23.79 तक पहुंच सकता है। साल के अंत तक: औसतन $25.58, और अगर संस्थागत निवेश जारी रहे तो $28.13 तक। चेनलिंक के सह-संस्थापक Sergey Nazarov का मानना है कि जैसे-जैसे CCIP नेटवर्क और DeFi/टोकनाइज़ेशन का विस्तार होगा, LINK की कीमत भी ऊपर जाएगी। 🌐 लंबी अवधि का लक्ष्य: $100 की ओर उड़ान लंबी अवधि में चेनलिंक का लक्ष्य लगभग $100 है। बड़ी संस्थाओं के साथ साझेदारी और ऑन-चेन उपयोग बढ़ने से इसकी डिमांड और वैल्यू दोनों तेजी से बढ़ सकते हैं। जैसे-जैसे वित्तीय बाजार टोकनाइज़ेशन और क्रॉस-चेन सिस्टम की ओर बढ़ रहे हैं, LINK की ओरेकल टेक्नोलॉजी इसका केंद्र बनी रहेगी। सुरक्षित डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत साझेदारियां और विश्वसनीय नेटवर्क इसे भविष्य में एक संस्थागत-स्तर की डिजिटल एसेट बनाते हैं। To know More Visit- Crypto Hindi News #CryptoHindiNews #India #Chainlink #LINKPricePrediction #Hindi

Chainlink ($LINK) Price Prediction: $100 की उड़ान की तैयारी!

मिड-अक्टूबर की गिरावट से नई तेजी की शुरुआत
मिड-अक्टूबर में $LINK की कीमत लगभग $15 तक गिर गई थी, लेकिन इस मौके का फायदा बड़े निवेशकों ने उठाया। उन्होंने तेजी से बड़ी मात्रा में LINK खरीदना शुरू किया, जिससे टोकन में दोबारा जान आ गई। यह कदम इस बात का संकेत है कि बाजार चेनलिंक के भविष्य और ब्लॉकचेन इकोसिस्टम में उसकी अहमियत पर भरोसा कर रहा है।
चेनलिंक फिलहाल विकेन्द्रीकृत ओरेकल मार्केट का लगभग 67% हिस्सा रखता है, 60+ ब्लॉकचेन से जुड़ा है और $93 बिलियन से अधिक ऑन-चेन वैल्यू को सुरक्षित कर रहा है। इसका Cross-Chain Interoperability Protocol (CCIP) ब्लॉकचेन और पारंपरिक वित्तीय सिस्टम को सहज रूप से जोड़ता है।
Swift, UBS, और J.P. Morgan जैसे दिग्गज पहले से ही इसकी तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे LINK एक प्रमुख DeFi एसेट बनता जा रहा है। जैसे-जैसे रियल-वर्ल्ड डेटा की मांग बढ़ती जा रही है, चेनलिंक वैश्विक वित्तीय ढांचे का एक अनिवार्य हिस्सा बनता जा रहा है।
📈 निवेशकों की सक्रियता और रिकवरी
अक्टूबर के मध्य में अमेरिका-चीन व्यापार तनाव के चलते LINK लगभग $15 तक फिसल गया था, लेकिन कुछ ही दिनों में $10.2 मिलियन से अधिक मूल्य का LINK एक्सचेंजों से हटा लिया गया — साफ संकेत कि बड़े निवेशक अपनी पोजीशन बना रहे हैं।
इसके बाद कीमत फिर से $18 से ऊपर पहुंच गई, जिससे पता चलता है कि खरीदारों का भरोसा अभी भी मजबूत है। विश्लेषकों का मानना है कि यह मौजूदा स्थिरता अगले बड़े उछाल से पहले की शांति हो सकती है।


🔍 तकनीकी विश्लेषण: अगले लक्ष्य पर नजर
वर्तमान में $LINK लगभग $19.67 पर ट्रेड कर रहा है। RSI ओवरसोल्ड जोन से ऊपर चढ़ रहा है और MACD पॉजिटिव हो गया है — दोनों संकेत तेजी के हैं।
4-घंटे के चार्ट पर एक सिमेट्रिकल ट्रायंगल बन रहा है, जो ब्रेकआउट होने पर कीमत को $23–$24 तक ले जा सकता है।
🛡️ सपोर्ट: ~$17.80
🚀 रेसिस्टेंस: ~$22.50 – $24
अगर यह मोमेंटम बरकरार रहता है, तो LINK महीने के अंत तक ऊपरी रेसिस्टेंस को टेस्ट कर सकता है।
📅 अक्टूबर और साल के अंत का प्राइस प्रेडिक्शन
अक्टूबर: $18 – $22 के बीच ट्रेडिंग की संभावना, महीने के अंत तक $23.79 तक पहुंच सकता है।
साल के अंत तक: औसतन $25.58, और अगर संस्थागत निवेश जारी रहे तो $28.13 तक।
चेनलिंक के सह-संस्थापक Sergey Nazarov का मानना है कि जैसे-जैसे CCIP नेटवर्क और DeFi/टोकनाइज़ेशन का विस्तार होगा, LINK की कीमत भी ऊपर जाएगी।


🌐 लंबी अवधि का लक्ष्य: $100 की ओर उड़ान
लंबी अवधि में चेनलिंक का लक्ष्य लगभग $100 है। बड़ी संस्थाओं के साथ साझेदारी और ऑन-चेन उपयोग बढ़ने से इसकी डिमांड और वैल्यू दोनों तेजी से बढ़ सकते हैं।
जैसे-जैसे वित्तीय बाजार टोकनाइज़ेशन और क्रॉस-चेन सिस्टम की ओर बढ़ रहे हैं, LINK की ओरेकल टेक्नोलॉजी इसका केंद्र बनी रहेगी। सुरक्षित डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर, मजबूत साझेदारियां और विश्वसनीय नेटवर्क इसे भविष्य में एक संस्थागत-स्तर की डिजिटल एसेट बनाते हैं।
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Best Crypto to Invest 2025: These 5 projects could provide big returnsBest Crypto to Invest: High performance coins for investors The crypto market has become even more interesting in 2025 with new and emerging projects. This year's selected cryptos include projects like DecentralGPT, Orochi Network, Clearpool, Harmony, and Pippin, which are bringing innovation in AI, blockchain, and decentralized finance. These projects offer high-performance, secure, and long-term useful token opportunities. For investors, this is a chance to invest in those top cryptos that could lead the market in the future.

Best Crypto to Invest 2025: These 5 projects could provide big returns

Best Crypto to Invest: High performance coins for investors
The crypto market has become even more interesting in 2025 with new and emerging projects. This year's selected cryptos include projects like DecentralGPT, Orochi Network, Clearpool, Harmony, and Pippin, which are bringing innovation in AI, blockchain, and decentralized finance. These projects offer high-performance, secure, and long-term useful token opportunities. For investors, this is a chance to invest in those top cryptos that could lead the market in the future.
2025 में निवेश के लिए बेस्ट क्रिप्टो: टॉप ट्रेंडिंग टोकन्समार्केट ट्रेंड्स: क्यों बढ़ रही है हलचल? क्रिप्टो मार्केट इन दिनों तेज़ी से बदल रहा है। CoinMarketCap के मुताबिक़, अभी सबसे ज़्यादा चर्चा Binance इकोसिस्टम, अमेरिका की Bitcoin रिज़र्व योजना और Bitcoin Layer 2 अपग्रेड्स को लेकर है। Binance Tokens को AI ट्रेडिंग टूल्स और नए प्रोजेक्ट लॉन्च से बढ़त मिल रही है।US Bitcoin Reserve Plan की चर्चा से $BTC , ETH और XRP पर ध्यान बढ़ा है।Bitcoin Layer 2 अपग्रेड्स से ट्रांज़ैक्शन तेज़ और सस्ते हो रहे हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है। अगर आप 2025 में निवेश के लिए सबसे अच्छे क्रिप्टो खोज रहे हैं, तो ये ट्रेंड्स आपके लिए अहम साबित हो सकते हैं। Hifi Finance (HIFI): डीलिस्टिंग के बाद भी धमाका HIFI ने सबको चौंका दिया जब यह 1 दिन में 95% चढ़ गया। आम तौर पर किसी टोकन के डीलिस्ट होने पर उसकी कीमत गिरती है, लेकिन HIFI उल्टा बढ़ गया। Binance ने 17 सितंबर को HIFI को हटाने की घोषणा की थी, जिसके बाद यह 7–20% तक गिरा। लेकिन शॉर्ट करने वाले ट्रेडर्स ने तेजी से खरीदारी की, जिससे शॉर्ट स्क्वीज़ हुआ और कीमत हफ़्ते भर में 650% तक उछल गई। कम लिक्विडिटी और बड़े होल्डर्स की पकड़ ने इसे और ऊपर धकेला। यह दिखाता है कि रिस्की टोकन्स भी सही हालात में ज़बरदस्त मुनाफ़ा दे सकते हैं। Aster ($ASTER ): डिप पर खरीदने का मौका पिछले महीने 1,982% की उछाल के बाद ASTER ने पिछले 24 घंटे में 10.77% की गिरावट दर्ज की। वजह? प्रॉफिट बुकिंग और सप्लाई का केंद्रीकरण—सिर्फ़ 6 वॉलेट्स में 96% टोकन्स हैं। तकनीकी चार्ट्स दिखाते हैं कि टोकन ओवरबॉट था। साथ ही अक्टूबर में हर महीने 53.5 मिलियन टोकन्स अनलॉक होंगे, जिससे दबाव और बढ़ सकता है। लेकिन यह डिप उन निवेशकों के लिए अच्छा एंट्री पॉइंट हो सकता है, जो लंबी अवधि का फायदा लेना चाहते हैं। Seraph (SERAPH): कमजोरी में भी संभावना SERAPH ने 30 दिनों में 93% उछाल के बाद हाल ही में 13.34% की गिरावट देखी। यह $0.22 सपोर्ट तोड़ चुका है और अभी शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे है। ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ा है, लेकिन RSI अभी भी ओवरसोल्ड नहीं दिखा रहा। सोशल मीडिया पर इसके "manual pump mode" ट्वीट्स ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी है। हालांकि अभी प्रेशर है, लेकिन एक्टिव कम्युनिटी और बढ़ती चर्चा के चलते इसमें रिवाइवल का मौका है। Kaito (KAITO): AI प्रोजेक्ट्स का पावर KAITO ने 24 घंटे में 40.41% उछाल दिखाया और मार्केट में AI टोकन्स की लिस्ट में टॉप पर रहा। Kaito Capital Launchpad ने अगस्त से अब तक $170 मिलियन से ज़्यादा जुटाए। PlayAI और Everlyn जैसे प्रोजेक्ट्स चंद मिनटों में सोल्ड आउट हो गए। KAITO होल्ड करना कई प्रोजेक्ट्स में शामिल होने की शर्त बन चुका है। हाल ही में Falcon Finance एयरड्रॉप ने भी इसकी डिमांड बढ़ाई। यह टोकन AI और क्रिप्टो दोनों ट्रेंड्स को जोड़ता है, इसलिए निवेशकों के लिए आकर्षक है। Plasma ($XPL ): मेननेट लॉन्च से मिली तेजी 25 सितंबर को Plasma (XPL) ने मेननेट लॉन्च किया और एक हफ़्ते में 72% बढ़ा। Binance, OKX और KuCoin पर लिस्टिंग और $2 बिलियन डिपॉजिट्स से इसका हाइप बढ़ा। हालांकि शुरुआती निवेशकों की प्रॉफिट-बुकिंग और शॉर्ट पोजीशंस की वजह से इसमें हाल ही में 5% करेक्शन आया। एक बड़े निवेशक जिसने जुलाई में $50 मिलियन लगाए थे, अब उसके पास लगभग $77 मिलियन के टोकन्स हैं। बड़े होल्डर्स की सेलिंग से कीमत पर असर पड़ सकता है, लेकिन लंबे समय के लिए यह प्रोजेक्ट मज़बूत माना जा रहा है। 2025 में किन टोकन्स पर नज़र रखें? मार्केट में Binance इकोसिस्टम, अमेरिका की BTC रिज़र्व योजना और Bitcoin Layer 2 अपग्रेड्स जैसे बड़े बदलाव हो रहे हैं। इन्हीं ट्रेंड्स के बीच HIFI, ASTER, SERAPH, KAITO और XPL जैसे टोकन्स निवेशकों को अच्छे मौके दे रहे हैं। कुछ टोकन्स शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए हैं, जबकि कुछ लंबे समय तक मजबूत प्रोजेक्ट्स और यूज़ केस प्रदान करते हैं। सही समय पर सही एंट्री लेना और हर टोकन की कहानी समझना ही 2025 में क्रिप्टो निवेश की असली कुंजी होगी। To know More Visit- CryptoHindiNews #CryptoHindiNews #ASTER #India #BestCryptostobuy #Hindi

2025 में निवेश के लिए बेस्ट क्रिप्टो: टॉप ट्रेंडिंग टोकन्स

मार्केट ट्रेंड्स: क्यों बढ़ रही है हलचल?
क्रिप्टो मार्केट इन दिनों तेज़ी से बदल रहा है। CoinMarketCap के मुताबिक़, अभी सबसे ज़्यादा चर्चा Binance इकोसिस्टम, अमेरिका की Bitcoin रिज़र्व योजना और Bitcoin Layer 2 अपग्रेड्स को लेकर है।
Binance Tokens को AI ट्रेडिंग टूल्स और नए प्रोजेक्ट लॉन्च से बढ़त मिल रही है।US Bitcoin Reserve Plan की चर्चा से $BTC , ETH और XRP पर ध्यान बढ़ा है।Bitcoin Layer 2 अपग्रेड्स से ट्रांज़ैक्शन तेज़ और सस्ते हो रहे हैं, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है।
अगर आप 2025 में निवेश के लिए सबसे अच्छे क्रिप्टो खोज रहे हैं, तो ये ट्रेंड्स आपके लिए अहम साबित हो सकते हैं।
Hifi Finance (HIFI): डीलिस्टिंग के बाद भी धमाका
HIFI ने सबको चौंका दिया जब यह 1 दिन में 95% चढ़ गया। आम तौर पर किसी टोकन के डीलिस्ट होने पर उसकी कीमत गिरती है, लेकिन HIFI उल्टा बढ़ गया।
Binance ने 17 सितंबर को HIFI को हटाने की घोषणा की थी, जिसके बाद यह 7–20% तक गिरा। लेकिन शॉर्ट करने वाले ट्रेडर्स ने तेजी से खरीदारी की, जिससे शॉर्ट स्क्वीज़ हुआ और कीमत हफ़्ते भर में 650% तक उछल गई।
कम लिक्विडिटी और बड़े होल्डर्स की पकड़ ने इसे और ऊपर धकेला। यह दिखाता है कि रिस्की टोकन्स भी सही हालात में ज़बरदस्त मुनाफ़ा दे सकते हैं।
Aster ($ASTER ): डिप पर खरीदने का मौका
पिछले महीने 1,982% की उछाल के बाद ASTER ने पिछले 24 घंटे में 10.77% की गिरावट दर्ज की। वजह? प्रॉफिट बुकिंग और सप्लाई का केंद्रीकरण—सिर्फ़ 6 वॉलेट्स में 96% टोकन्स हैं।
तकनीकी चार्ट्स दिखाते हैं कि टोकन ओवरबॉट था। साथ ही अक्टूबर में हर महीने 53.5 मिलियन टोकन्स अनलॉक होंगे, जिससे दबाव और बढ़ सकता है।
लेकिन यह डिप उन निवेशकों के लिए अच्छा एंट्री पॉइंट हो सकता है, जो लंबी अवधि का फायदा लेना चाहते हैं।
Seraph (SERAPH): कमजोरी में भी संभावना
SERAPH ने 30 दिनों में 93% उछाल के बाद हाल ही में 13.34% की गिरावट देखी। यह $0.22 सपोर्ट तोड़ चुका है और अभी शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे है।
ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ा है, लेकिन RSI अभी भी ओवरसोल्ड नहीं दिखा रहा। सोशल मीडिया पर इसके "manual pump mode" ट्वीट्स ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी है।
हालांकि अभी प्रेशर है, लेकिन एक्टिव कम्युनिटी और बढ़ती चर्चा के चलते इसमें रिवाइवल का मौका है।
Kaito (KAITO): AI प्रोजेक्ट्स का पावर
KAITO ने 24 घंटे में 40.41% उछाल दिखाया और मार्केट में AI टोकन्स की लिस्ट में टॉप पर रहा।
Kaito Capital Launchpad ने अगस्त से अब तक $170 मिलियन से ज़्यादा जुटाए।
PlayAI और Everlyn जैसे प्रोजेक्ट्स चंद मिनटों में सोल्ड आउट हो गए।
KAITO होल्ड करना कई प्रोजेक्ट्स में शामिल होने की शर्त बन चुका है।

हाल ही में Falcon Finance एयरड्रॉप ने भी इसकी डिमांड बढ़ाई। यह टोकन AI और क्रिप्टो दोनों ट्रेंड्स को जोड़ता है, इसलिए निवेशकों के लिए आकर्षक है।
Plasma ($XPL ): मेननेट लॉन्च से मिली तेजी
25 सितंबर को Plasma (XPL) ने मेननेट लॉन्च किया और एक हफ़्ते में 72% बढ़ा। Binance, OKX और KuCoin पर लिस्टिंग और $2 बिलियन डिपॉजिट्स से इसका हाइप बढ़ा।
हालांकि शुरुआती निवेशकों की प्रॉफिट-बुकिंग और शॉर्ट पोजीशंस की वजह से इसमें हाल ही में 5% करेक्शन आया।
एक बड़े निवेशक जिसने जुलाई में $50 मिलियन लगाए थे, अब उसके पास लगभग $77 मिलियन के टोकन्स हैं। बड़े होल्डर्स की सेलिंग से कीमत पर असर पड़ सकता है, लेकिन लंबे समय के लिए यह प्रोजेक्ट मज़बूत माना जा रहा है।

2025 में किन टोकन्स पर नज़र रखें?
मार्केट में Binance इकोसिस्टम, अमेरिका की BTC रिज़र्व योजना और Bitcoin Layer 2 अपग्रेड्स जैसे बड़े बदलाव हो रहे हैं।
इन्हीं ट्रेंड्स के बीच HIFI, ASTER, SERAPH, KAITO और XPL जैसे टोकन्स निवेशकों को अच्छे मौके दे रहे हैं।
कुछ टोकन्स शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए हैं, जबकि कुछ लंबे समय तक मजबूत प्रोजेक्ट्स और यूज़ केस प्रदान करते हैं। सही समय पर सही एंट्री लेना और हर टोकन की कहानी समझना ही 2025 में क्रिप्टो निवेश की असली कुंजी होगी।
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RBI Launch Pilot Deposit Tokenisation से बैंकिंग सिस्टम होगा और भी स्मार्टRBI Launch Pilot Deposit Tokenisation, भारत में डिजिटल बैंकिंग का नया दौर शुरू भारत की बैंकिंग व्यवस्था एक नई दिशा में कदम बढ़ाने जा रही है। RBI Launch Pilot Deposit Tokenisation प्रोग्राम के तहत भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) 8 अक्टूबर 2025 से डिपॉजिट टोकनाइजेशन का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेगा। यह पहल देश के CBDC (Central Bank Digital Currency) यानी e-Rupee के Wholesale मॉडल पर बेस्ड होगी। इसका उद्देश्य बैंकिंग ट्रांजैक्शंस को और तेज़, सस्ता और सुरक्षित बनाना ह Source: यह इमेज Bitinning की X पोस्ट से ली गई है। जिसकी लिंक यहां दी गई है। Deposit Tokenisation क्या है  डिपॉजिट टोकनाइजेशन का मतलब है बैंक में रखे पैसों को डिजिटल टोकन के रूप में बदलना। हर टोकन एक यूनिट बैंक डिपॉजिट को रिप्रेजेन्टेशन करेगा (1 टोकन = 1 यूनिट डिपॉजिट)। इससे बैंकिंग सिस्टम में पैसे का ट्रांसफर और सेटलमेंट ज्यादा सरल और ट्रांसपेरेंट हो जाएगा। उदाहरण के लिए, अगर कोई ग्राहक बैंक में ₹100 जमा करता है, तो बैंक उसी वैल्यू के डिजिटल टोकन जारी कर सकता है, जिसे अन्य प्लेटफॉर्म्स पर आसानी से ट्रांसफर किया जा सकेगा। यह मॉडल ट्रेडिशनल बैंकिंग की तुलना में ट्रांजैक्शंस को अधिक तेज़ और सस्ता बनाता है क्योंकि यह Blockchain Technology जैसी सुरक्षित टेक्नोलॉजी पर आधारित है। CBDC Wholesale को क्यों बनाया गया बेस लेयर RBI ने इस RBI Launch Pilot Deposit Tokenisation को भारत के Wholesale CBDC (e₹-W) पर बनाया है। Wholesale CBDC मुख्य रूप से इंटरबैंक या इंस्टीट्यूशनल सेटलमेंट्स के लिए बनाया गया था जैसे कि गवर्नमेंट सिक्योरिटीज मार्केट में ट्रांजैक्शन। इस टेक्नोलॉजी को बेस लेयर बनाने से डिपॉजिट टोकन सीधे केंद्रीय बैंक (RBI) से जुड़ जाएंगे, जिससे भरोसा और सुरक्षा दोनों बनी रहेंगी। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि हर टोकन का मूल्य सेंट्रल बैंक द्वारा कंट्रोल किया जा सके, जिससे फ्रॉड और रिस्क का खतरा कम होगा। ताकि RBI Launch Pilot Deposit Tokenisation को पहले बैंकों और संस्थानों के लिए टेस्ट किया जा सके। जो भविष्य में आम लोगों तक भी बढ़ाया जा सकता है। भारत में CBDC ट्रायल्स, शुरुआत से अब तक भारत में डिजिटल करेंसी की शुरुआत नवंबर 2022 में शुरू हुई थी। उस समय Wholesale CBDC पायलट का उद्देश्य गवर्नमेंट सिक्योरिटीज मार्केट में सेटलमेंट को आसान बनाना था। इसके बाद दिसंबर 2022 में Retail CBDC (e₹-R) लॉन्च किया गया, जिसमें आम सिटीजन और ट्रेडर्स शामिल थे। मार्च 2024 तक रिटेल CBDC का उपयोग तेजी से बढ़ा ₹6 करोड़ से बढ़कर ₹234 करोड़ तक पहुँच गया, यानी लगभग 39 गुना की बढ़ोतरी हुई। हालांकि Wholesale CBDC का उपयोग कम हो गया था, लेकिन अब Deposit Tokenisation पहल इसे फिर से मजबूत करने की दिशा में बढ़ाया कदम है। Tokenised Deposit सिस्टम कैसे काम करेगा इस प्रोसेस में ग्राहक अपने बैंक में पैसे जमा करता है और बैंक या ऑथॉराइज़्ड आर्गेनाइजेशन उसके बराबर डिजिटल टोकन जारी करती है। ये टोकन सुरक्षित ब्लॉकचेन नेटवर्क पर दर्ज होते हैं। ग्राहक अपने असली पैसे बैंक में सुरक्षित रखते हुए, इन डिजिटल टोकन को आसानी से ट्रांसफर या एक्सचेंज कर सकता है। इससे ट्रांज़ैक्शन तेज़, सुरक्षित और कम कॉस्ट वाला बन जाता है, साथ ही बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ती है और निवेश में ट्रांसपेरेंसी आती है। RBI और बैंकिंग सेक्टर पर CBDC का असर RBI Launch Pilot Deposit Tokenisation से भारत के $3.5 ट्रिलियन बैंकिंग सेक्टर में नई स्पीड आ सकती है। यह प्रोग्राम ट्रांज़ैक्शन को तेज़, कॉस्ट को कम और पेमेंट्स को सुरक्षित बनाता है। इसके जरिए मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स और बैंक डिपॉजिट्स के बीच डिजिटल कनेक्शन आसान होगा। यह सिस्टम प्राइवेट या परमीशन ब्लॉकचेन पर काम करेगा, यानी केवल चुनिंदा बैंक और आर्गेनाइजेशन ही इसका इस्तेमाल कर पाएंगी। इसका मकसद नियमों का पालन और जोखिम को कंट्रोल रखना है। भविष्य की बैंकिंग के लिए डिजिटल कदम यह पायलट डिजिटल इंडिया में बैंकिंग बदलाव का महत्वपूर्ण कदम है। अगर यह सफल रहता है, तो भविष्य में Retail Users भी डिपॉजिट टोकन का इस्तेमाल कर पाएंगे। इससे ट्रांज़ैक्शन तेज़, सुरक्षित और ट्रांसपेरेंट होंगे और बैंकिंग सिस्टम में निवेश और फाइनेंशियल ऑपरेशन्स को नई स्पीड और सुविधा मिलेगी। हाल ही में Minister of Commerce and Industry Piyush Goyal ने जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है की, भारत जल्द ही अपना खुद का RBI-Backed डिजिटल करेंसी लॉन्च करने जा रहा है, जो देश के मोनेटरी सिस्टम में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकती है। Reserve Bank of India (RBI) की गारंटी के साथ आने वाली इस डिजिटल करेंसी से देश में ट्रांज़ैक्शन तेज़, सुरक्षित और ट्रांसपेरेंट बनेंगे। कन्क्लूजन RBI Launch Pilot Deposit Tokenisation भारत की बैंकिंग सिस्टम में एक बड़ा कदम है। इस पहल के तहत बैंक डिपॉजिट्स को डिजिटल टोकन्स में बदला जाएगा, जिससे ट्रांज़ैक्शन तेज़, सुरक्षित और सस्ता होगा। यूजर्स अपने पैसे सुरक्षित रखते हुए इन टोकन्स को आसानी से ट्रांसफर या एक्सचेंज कर सकेंगे। यह प्रयोग बैंकिंग में ट्रांसपेरेंसी और भरोसे को बढ़ाएगा और भविष्य में रिटेल यूजर्स तक भी पहुँच सकता है। RBI का यह कदम भारत की डिजिटल इकोनॉमी को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। To know More Visit- cryptohindinews #CryptoHindiNews #Hindi #RBIDepositTokenisation #DigitalBankingIndia #BlockchainBanking

RBI Launch Pilot Deposit Tokenisation से बैंकिंग सिस्टम होगा और भी स्मार्ट

RBI Launch Pilot Deposit Tokenisation, भारत में डिजिटल बैंकिंग का नया दौर शुरू
भारत की बैंकिंग व्यवस्था एक नई दिशा में कदम बढ़ाने जा रही है। RBI Launch Pilot Deposit Tokenisation प्रोग्राम के तहत भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) 8 अक्टूबर 2025 से डिपॉजिट टोकनाइजेशन का पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेगा। यह पहल देश के CBDC (Central Bank Digital Currency) यानी e-Rupee के Wholesale मॉडल पर बेस्ड होगी। इसका उद्देश्य बैंकिंग ट्रांजैक्शंस को और तेज़, सस्ता और सुरक्षित बनाना ह

Source: यह इमेज Bitinning की X पोस्ट से ली गई है। जिसकी लिंक यहां दी गई है।
Deposit Tokenisation क्या है 
डिपॉजिट टोकनाइजेशन का मतलब है बैंक में रखे पैसों को डिजिटल टोकन के रूप में बदलना। हर टोकन एक यूनिट बैंक डिपॉजिट को रिप्रेजेन्टेशन करेगा (1 टोकन = 1 यूनिट डिपॉजिट)। इससे बैंकिंग सिस्टम में पैसे का ट्रांसफर और सेटलमेंट ज्यादा सरल और ट्रांसपेरेंट हो जाएगा। उदाहरण के लिए, अगर कोई ग्राहक बैंक में ₹100 जमा करता है, तो बैंक उसी वैल्यू के डिजिटल टोकन जारी कर सकता है, जिसे अन्य प्लेटफॉर्म्स पर आसानी से ट्रांसफर किया जा सकेगा।
यह मॉडल ट्रेडिशनल बैंकिंग की तुलना में ट्रांजैक्शंस को अधिक तेज़ और सस्ता बनाता है क्योंकि यह Blockchain Technology जैसी सुरक्षित टेक्नोलॉजी पर आधारित है।
CBDC Wholesale को क्यों बनाया गया बेस लेयर
RBI ने इस RBI Launch Pilot Deposit Tokenisation को भारत के Wholesale CBDC (e₹-W) पर बनाया है। Wholesale CBDC मुख्य रूप से इंटरबैंक या इंस्टीट्यूशनल सेटलमेंट्स के लिए बनाया गया था जैसे कि गवर्नमेंट सिक्योरिटीज मार्केट में ट्रांजैक्शन। इस टेक्नोलॉजी को बेस लेयर बनाने से डिपॉजिट टोकन सीधे केंद्रीय बैंक (RBI) से जुड़ जाएंगे, जिससे भरोसा और सुरक्षा दोनों बनी रहेंगी।
इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि हर टोकन का मूल्य सेंट्रल बैंक द्वारा कंट्रोल किया जा सके, जिससे फ्रॉड और रिस्क का खतरा कम होगा। ताकि RBI Launch Pilot Deposit Tokenisation को पहले बैंकों और संस्थानों के लिए टेस्ट किया जा सके। जो भविष्य में आम लोगों तक भी बढ़ाया जा सकता है।
भारत में CBDC ट्रायल्स, शुरुआत से अब तक
भारत में डिजिटल करेंसी की शुरुआत नवंबर 2022 में शुरू हुई थी। उस समय Wholesale CBDC पायलट का उद्देश्य गवर्नमेंट सिक्योरिटीज मार्केट में सेटलमेंट को आसान बनाना था। इसके बाद दिसंबर 2022 में Retail CBDC (e₹-R) लॉन्च किया गया, जिसमें आम सिटीजन और ट्रेडर्स शामिल थे।
मार्च 2024 तक रिटेल CBDC का उपयोग तेजी से बढ़ा ₹6 करोड़ से बढ़कर ₹234 करोड़ तक पहुँच गया, यानी लगभग 39 गुना की बढ़ोतरी हुई। हालांकि Wholesale CBDC का उपयोग कम हो गया था, लेकिन अब Deposit Tokenisation पहल इसे फिर से मजबूत करने की दिशा में बढ़ाया कदम है।
Tokenised Deposit सिस्टम कैसे काम करेगा
इस प्रोसेस में ग्राहक अपने बैंक में पैसे जमा करता है और बैंक या ऑथॉराइज़्ड आर्गेनाइजेशन उसके बराबर डिजिटल टोकन जारी करती है। ये टोकन सुरक्षित ब्लॉकचेन नेटवर्क पर दर्ज होते हैं। ग्राहक अपने असली पैसे बैंक में सुरक्षित रखते हुए, इन डिजिटल टोकन को आसानी से ट्रांसफर या एक्सचेंज कर सकता है। इससे ट्रांज़ैक्शन तेज़, सुरक्षित और कम कॉस्ट वाला बन जाता है, साथ ही बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ती है और निवेश में ट्रांसपेरेंसी आती है।
RBI और बैंकिंग सेक्टर पर CBDC का असर
RBI Launch Pilot Deposit Tokenisation से भारत के $3.5 ट्रिलियन बैंकिंग सेक्टर में नई स्पीड आ सकती है। यह प्रोग्राम ट्रांज़ैक्शन को तेज़, कॉस्ट को कम और पेमेंट्स को सुरक्षित बनाता है। इसके जरिए मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स और बैंक डिपॉजिट्स के बीच डिजिटल कनेक्शन आसान होगा। यह सिस्टम प्राइवेट या परमीशन ब्लॉकचेन पर काम करेगा, यानी केवल चुनिंदा बैंक और आर्गेनाइजेशन ही इसका इस्तेमाल कर पाएंगी। इसका मकसद नियमों का पालन और जोखिम को कंट्रोल रखना है।
भविष्य की बैंकिंग के लिए डिजिटल कदम
यह पायलट डिजिटल इंडिया में बैंकिंग बदलाव का महत्वपूर्ण कदम है। अगर यह सफल रहता है, तो भविष्य में Retail Users भी डिपॉजिट टोकन का इस्तेमाल कर पाएंगे। इससे ट्रांज़ैक्शन तेज़, सुरक्षित और ट्रांसपेरेंट होंगे और बैंकिंग सिस्टम में निवेश और फाइनेंशियल ऑपरेशन्स को नई स्पीड और सुविधा मिलेगी।
हाल ही में Minister of Commerce and Industry Piyush Goyal ने जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है की, भारत जल्द ही अपना खुद का RBI-Backed डिजिटल करेंसी लॉन्च करने जा रहा है, जो देश के मोनेटरी सिस्टम में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकती है। Reserve Bank of India (RBI) की गारंटी के साथ आने वाली इस डिजिटल करेंसी से देश में ट्रांज़ैक्शन तेज़, सुरक्षित और ट्रांसपेरेंट बनेंगे।
कन्क्लूजन
RBI Launch Pilot Deposit Tokenisation भारत की बैंकिंग सिस्टम में एक बड़ा कदम है। इस पहल के तहत बैंक डिपॉजिट्स को डिजिटल टोकन्स में बदला जाएगा, जिससे ट्रांज़ैक्शन तेज़, सुरक्षित और सस्ता होगा। यूजर्स अपने पैसे सुरक्षित रखते हुए इन टोकन्स को आसानी से ट्रांसफर या एक्सचेंज कर सकेंगे। यह प्रयोग बैंकिंग में ट्रांसपेरेंसी और भरोसे को बढ़ाएगा और भविष्य में रिटेल यूजर्स तक भी पहुँच सकता है। RBI का यह कदम भारत की डिजिटल इकोनॉमी को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
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M Coin Price Prediction 2025 to 2030: Will Memecore make millionaires?In the past year, Memecore ($M Coin) has caused a tremendous stir in the crypto market. This Memecoin has recorded a growth of over 2000%, making it a hot topic among investors. Currently, this coin is trading at around $1.29.

M Coin Price Prediction 2025 to 2030: Will Memecore make millionaires?

In the past year, Memecore ($M Coin) has caused a tremendous stir in the crypto market. This Memecoin has recorded a growth of over 2000%, making it a hot topic among investors.
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#cpiwatch Part 1🔥 THE SECRET BEHIND THE TERRA v2.8 UPDATE: WHO’S REALLY IN CONTROL? Everyone noticed it — $BNB officially supported the Terra v2.8 network upgrade. But one question refuses to fade: Who is behind this update when Terra has no public team, no official site, and Terraform Labs shut down? This is where things get interesting. Fact 1: Terraform Labs Is Gone… But Updates Keep Coming Terraform Labs announced it would stop operations. Public representatives disappeared. Yet Terra’s code still receives consistent, polished, and highly technical updates. So who is writing them? Fact 2: Binance Doesn’t Integrate Random Code To support an upgrade, Binance must: - verify the source, - confirm security, - rust developer competence. Meaning Binance knows exactly who is behind Terra v2.8. Fact 3: Terra’s Updates Are Too Synchronized Updates for: - Terra 2.0 - Terra Classic …appear almost simultaneously. This doesn’t look like community chaos - it feels like the work of a hidden unified team. CPIWatch Connection CPIWatch, known for tracking unusual blockchain activity and macro signals, flagged Terra’s recent commits as “non-random.” Patterns match previous Terra development styles, hinting at organized contributors still active behind the scenes. COMMUNITY QUESTIONS Who is really behind Terra v2.8? Old insiders operating silently? Or a new team linked to major exchanges? The mystery is deeper than it seems - and CPIWatch may be the first clue. To Know More:- Crypto Hindi News #CryptoHindiNews #india #BestCryptotoBuyNow #hindi
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Part 1🔥 THE SECRET BEHIND THE TERRA v2.8 UPDATE: WHO’S REALLY IN CONTROL?

Everyone noticed it — $BNB officially supported the Terra v2.8 network upgrade.
But one question refuses to fade:
Who is behind this update when Terra has no public team, no official site, and Terraform Labs shut down?
This is where things get interesting.

Fact 1: Terraform Labs Is Gone… But Updates Keep Coming
Terraform Labs announced it would stop operations.
Public representatives disappeared.
Yet Terra’s code still receives consistent, polished, and highly technical updates.
So who is writing them?

Fact 2: Binance Doesn’t Integrate Random Code
To support an upgrade, Binance must:
- verify the source,
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- rust developer competence.
Meaning Binance knows exactly who is behind Terra v2.8.

Fact 3: Terra’s Updates Are Too Synchronized
Updates for:
- Terra 2.0
- Terra Classic
…appear almost simultaneously.
This doesn’t look like community chaos -
it feels like the work of a hidden unified team.

CPIWatch Connection
CPIWatch, known for tracking unusual blockchain activity and macro signals, flagged Terra’s recent commits as “non-random.”
Patterns match previous Terra development styles, hinting at organized contributors still active behind the scenes.

COMMUNITY QUESTIONS
Who is really behind Terra v2.8?
Old insiders operating silently?
Or a new team linked to major exchanges?
The mystery is deeper than it seems - and CPIWatch may be the first clue.

To Know More:- Crypto Hindi News
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Best Crypto Under 1 Rupee: Know why PENGU Token is in the discussionIncluded in the Best Crypto Under 1 Rupee category, $PENGU , is the official token of the famous Pudgy Penguins. Due to its strong brand identity and active community, this token is rapidly gaining attention in the crypto market. Pudgy Penguins has carved out a unique identity in the crypto industry, which is why its community is considered one of the most influential communities today.

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Best Crypto Under 1 Rupee: How Shiba Inu Became a Global Crypto Brand

Shiba Inu ( $SHIB ) is a decentralized and community-led crypto token based on the Ethereum blockchain, launched in August 2020 by an anonymous creator named 'Ryoshi'. Ryoshi's clear vision was that the future of SHIB should not depend on a single person but on the strength of the entire community.
बढ़ती गोल्ड-सिल्वर रैली के बीच क्या बिटकॉइन $1,500,000 तक पहुंच सकता है?सोने ने $1 ट्रिलियन को पार किया, Bitcoin ($BTC ) और चांदी ने बाजार के लाभ को पीछे छोड़ दिया 2025 तक, सोना और चांदी ऊँचाई पर पहुँच चुके हैं, जबकि निवेशक वैश्विक अस्थिरता के बीच सुरक्षित स्थानों पर निवेश करने के लिए दौड़ रहे हैं। इस उछाल ने बिटकॉइन को "डिजिटल गोल्ड" के रूप में फिर से चर्चा में ला दिया है, क्योंकि विश्लेषकों ने $1 से $1.5 मिलियन तक के उच्च मूल्य लक्ष्य की भविष्यवाणी की है। बाजार पारंपरिक धातुओं के साथ-साथ क्रिप्टो में तकनीकी संकेत दे रहे हैं, जिससे ऐतिहासिक बदलाव का संकेत मिल रहा है। सोने ने $1 ट्रिलियन को पार किया, चांदी ने बाजार के लाभ को पीछे छोड़ दिया सोने ने ऐतिहासिक सीमाओं को पार किया है, और अमेरिकी ट्रेजरी रिजर्व अब $1 ट्रिलियन से अधिक हो गए हैं। इस साल के अब तक के आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमत 46% और चांदी की कीमत 63% बढ़ी है, जो शेयरों और बॉंड्स से भी बेहतर प्रदर्शन कर रही है। निवेशक मांग मुद्रास्फीति चिंताओं, कमजोर फिएट मुद्राओं और भू-राजनीतिक जोखिमों द्वारा प्रेरित हो रही है। बिटकॉइन के लिए उच्च लक्ष्य इचिमोकू क्लाउड इंडिकेटर के अनुसार, बिटकॉइन लगभग $113,813 पर व्यापार कर रहा है, जबकि प्रतिरोध $115,894 और समर्थन $112,044 पर स्थित है। अगर बुल्स $115,900 का स्तर फिर से हासिल कर लेते हैं, तो बिटकॉइन एक ब्रेकआउट देख सकता है और भविष्य में $120,000-$122,500 तक जा सकता है। बिटकॉइन का प्रदर्शन और भविष्यवाणियाँ साथ ही, कुछ बाजार नेताओं ने लंबी अवधि की भविष्यवाणियाँ की हैं, जिनमें बिटकॉइन की अपार क्षमता को उजागर किया गया है। Coinbase के CEO ब्रायन आर्मस्ट्रांग ने कहा था कि बिटकॉइन 2030 तक $1 मिलियन प्रति कॉइन तक पहुंच सकता है, और पूर्व ट्विटर CEO जैक डॉर्सी और Ark Invest की CEO कैथी वुड ने भी इस भावनात्मक बयान का समर्थन किया है, जिन्होंने अनुमान लगाया कि इसकी कीमत $1.5 मिलियन तक पहुंच सकती है। क्या सोने और बिटकॉइन दोनों एक साथ बढ़ सकते हैं? महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या XAUUSD और बिटकॉइन दोनों एक साथ बढ़ सकते हैं या इनमें से एक ही हावी होगा। सोना स्थिरता और बेजोड़ लिक्विडिटी प्रदान करता है, जबकि बिटकॉइन नवाचार, दुर्लभता और सीमा रहित उपयोगिता का प्रतिनिधित्व करता है। आजकल, निवेशक प्रवाह यह संकेत दे रहे हैं कि दोनों संपत्तियाँ फिएट मुद्राओं से पूंजी निकासी का लाभ उठा रही हैं। अगर मैक्रो जोखिम बनाए रहते हैं, तो यह दोनों की समानांतर तेजी के रूप में विकसित हो सकता है, जिसमें बिटकॉइन XAU के लिए उच्च-बेटा विकल्प के रूप में कार्य करेगा। To know More Visit- CryptoHindiNews #CryptoHindiNews #Hindi #CryptoInvesting #BitcoinPrice #India

बढ़ती गोल्ड-सिल्वर रैली के बीच क्या बिटकॉइन $1,500,000 तक पहुंच सकता है?

सोने ने $1 ट्रिलियन को पार किया, Bitcoin ($BTC ) और चांदी ने बाजार के लाभ को पीछे छोड़ दिया
2025 तक, सोना और चांदी ऊँचाई पर पहुँच चुके हैं, जबकि निवेशक वैश्विक अस्थिरता के बीच सुरक्षित स्थानों पर निवेश करने के लिए दौड़ रहे हैं। इस उछाल ने बिटकॉइन को "डिजिटल गोल्ड" के रूप में फिर से चर्चा में ला दिया है, क्योंकि विश्लेषकों ने $1 से $1.5 मिलियन तक के उच्च मूल्य लक्ष्य की भविष्यवाणी की है। बाजार पारंपरिक धातुओं के साथ-साथ क्रिप्टो में तकनीकी संकेत दे रहे हैं, जिससे ऐतिहासिक बदलाव का संकेत मिल रहा है।
सोने ने $1 ट्रिलियन को पार किया, चांदी ने बाजार के लाभ को पीछे छोड़ दिया
सोने ने ऐतिहासिक सीमाओं को पार किया है, और अमेरिकी ट्रेजरी रिजर्व अब $1 ट्रिलियन से अधिक हो गए हैं। इस साल के अब तक के आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमत 46% और चांदी की कीमत 63% बढ़ी है, जो शेयरों और बॉंड्स से भी बेहतर प्रदर्शन कर रही है। निवेशक मांग मुद्रास्फीति चिंताओं, कमजोर फिएट मुद्राओं और भू-राजनीतिक जोखिमों द्वारा प्रेरित हो रही है।

बिटकॉइन के लिए उच्च लक्ष्य
इचिमोकू क्लाउड इंडिकेटर के अनुसार, बिटकॉइन लगभग $113,813 पर व्यापार कर रहा है, जबकि प्रतिरोध $115,894 और समर्थन $112,044 पर स्थित है। अगर बुल्स $115,900 का स्तर फिर से हासिल कर लेते हैं, तो बिटकॉइन एक ब्रेकआउट देख सकता है और भविष्य में $120,000-$122,500 तक जा सकता है।

बिटकॉइन का प्रदर्शन और भविष्यवाणियाँ
साथ ही, कुछ बाजार नेताओं ने लंबी अवधि की भविष्यवाणियाँ की हैं, जिनमें बिटकॉइन की अपार क्षमता को उजागर किया गया है। Coinbase के CEO ब्रायन आर्मस्ट्रांग ने कहा था कि बिटकॉइन 2030 तक $1 मिलियन प्रति कॉइन तक पहुंच सकता है, और पूर्व ट्विटर CEO जैक डॉर्सी और Ark Invest की CEO कैथी वुड ने भी इस भावनात्मक बयान का समर्थन किया है, जिन्होंने अनुमान लगाया कि इसकी कीमत $1.5 मिलियन तक पहुंच सकती है।

क्या सोने और बिटकॉइन दोनों एक साथ बढ़ सकते हैं?
महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या XAUUSD और बिटकॉइन दोनों एक साथ बढ़ सकते हैं या इनमें से एक ही हावी होगा। सोना स्थिरता और बेजोड़ लिक्विडिटी प्रदान करता है, जबकि बिटकॉइन नवाचार, दुर्लभता और सीमा रहित उपयोगिता का प्रतिनिधित्व करता है।
आजकल, निवेशक प्रवाह यह संकेत दे रहे हैं कि दोनों संपत्तियाँ फिएट मुद्राओं से पूंजी निकासी का लाभ उठा रही हैं। अगर मैक्रो जोखिम बनाए रहते हैं, तो यह दोनों की समानांतर तेजी के रूप में विकसित हो सकता है, जिसमें बिटकॉइन XAU के लिए उच्च-बेटा विकल्प के रूप में कार्य करेगा।

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Top Crypto Leader, जानें AAVE Founder ने कैसे बदली DeFi की दुनियाएक Crypto Leader जिसने बदल दी DeFi की परिभाषा क्रिप्टोकरेंसी और DeFi की दुनिया में कुछ नाम ऐसे हैं, जिन्होंने न सिर्फ इंडस्ट्री को बदला बल्कि इसे मेनस्ट्रीम फाइनेंस के बराबर खड़ा कर दिया। इन्हीं में से एक हैं Stani Kulechov, AAVE Founder और Top Crypto Leader। उनकी जर्नी एक लॉ स्टूडेंट से शुरू हुई और आज वे उन विजनरी लीडर्स में शामिल हैं, जिन्होंने DeFi को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। यह सक्सेस स्टोरी सिर्फ प्रेरणा ही नहीं देती, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे एक आइडिया पूरी दुनिया की फाइनेंशियल सोच को री-डिफाइन कर सकता है। Source: यह इमेज Top Crypto Leader Stani Kulechov के Linkedin Page से ली गयी है। प्रारंभिक जीवन, चुनौतियों से भरा बचपन Stani Kulechov का जन्म 1991 में Estonia में हुआ था, उस समय सोवियत यूनियन टूट रहा था और पूरा इलाका आर्थिक संकट से जूझ रहा था। इसी वजह से उनका परिवार Helsinki, Finland शिफ्ट हो गया। उनका बचपन आसान नहीं था, लेकिन इसी दौरान उनकी जिज्ञासा और इनोवेशन की भूख जागी। महज 12 साल की उम्र में उन्होनें प्रोग्रामिंग शुरू कर दी थी। उन्होंने ऐसा एप्लीकेशन बनाया, जो ऐप स्टोर्स से मिलने वाले रिवार्ड्स को तुरंत क्रेडिट कर देता था। यही उनकी सक्सेस स्टोरी का पहला अध्याय था, जिसने उनकी टेक्नोलॉजी और फाइनेंस की रुचि को दिशा दी। शिक्षा और ब्लॉकचेन की ओर पहला कदम 2015 में उन्होनें Helsinki University में लॉ की पढ़ाई शुरू की और 2018 में मास्टर्स डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान उन्हें Ethereum और उसके स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। इसने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि क्या फाइनेंशियल सिस्टम को बिना बैंक और मिडलमैन के, पूरी तरह डिसेंट्रलाइज्ड बनाया जा सकता है? यूनिवर्सिटी में पढाई के दौरान उन्होंने Castrén & Snellman और Bird & Bird जैसी लॉ फर्म्स में इंटर्नशिप की, साथ ही Slush जैसे टेक इवेंट्स में वॉलंटियर भी रहे। इन्हीं अनुभवों ने उनकी नेटवर्किंग और विजन को मजबूत बनाया, जो बाद में उनकी सफलता की नींव साबित हुए। ETHLend से $AAVE तक, DeFi का नया अध्याय 2017 में, यूनिवर्सिटी हॉस्टल में रहते हुए, इस Crypto Leader ने $ETH Lend लॉन्च किया। यह एक पीयर-टू-पीयर लेंडिंग प्लेटफ़ॉर्म था, जहां यूज़र्स क्रिप्टोकरेंसी को कोलैटरल देकर लोन ले सकते थे। उस वक्त Decentralized Finance का टोटल वैल्यू लॉक्ड (TVL) सिर्फ $200 मिलियन था, लेकिन इन्होनें इसे फाइनेंस का भविष्य माना। 2018 में ETHLend को रीब्रैंड करके AAVE नाम दिया गया। इसने Pooled Liquidity Model इंट्रोड्यूस किया, जिससे यूज़र्स अपने डिपॉजिट्स पर इंटरेस्ट अर्न कर सकते थे और आसानी से लोन ले सकते थे। AAVE का सबसे इनोवेटिव फीचर था Flash Loans, जो बिना कोलैटरल के तुरंत लोन देता है, बशर्ते उसी ट्रांजेक्शन में उसे वापस चुकाया जाए। 2020 में इसने $3 मिलियन की फंडिंग रेज की और 2021 तक इसका TVL $11 बिलियन से ऊपर पहुँच गया। 2025 तक इसका $44 बिलियन TVL के साथ दुनिया का सबसे बड़े DeFi Protocol है। Avara और Lens Protocol, Crypto Leader के इनोवेशन Stani का विजन सिर्फ लेंडिंग तक सीमित नहीं रहा। 2023 में उन्होंने Avara नाम की सॉफ्टवेयर कंपनी शुरू की, जो AAVE, Lens Protocol और GHO, जो AAVE का स्टेबलकॉइन है, को सपोर्ट करती है। Lens Protocol (2022): एक डिसेंट्रलाइज्ड सोशल ग्राफ, जो क्रिएटर्स को अपने कंटेंट और डाटा पर पूरा कंट्रोल देता है। यह Web3 सोशल मीडिया का भविष्य माना जा रहा है। GHO: AAVE का स्टेबलकॉइन, जो DeFi यूज़र्स को और ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देता है। Family Wallet: एक नया क्रिप्टो वॉलेट, जिससे Decentralized Finance को रोजमर्रा की ज़िंदगी में इस्तेमाल करना आसान हो सके। Stani का विजन है Avara को एक "सुपरमार्केट" बनाना, जहां लेंडिंग, सोशल मीडिया और वॉलेट्स सब एक ही जगह मिलें। चुनौतियां और सीखे हुए सबक 2022–23 का क्रिप्टो विंटर AAVE के लिए कठिन दौर था। FTX Collapse के बाद DeFi का TVL 75% तक गिर गया। लेकिन Stani ने हार मानने के बजाय इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर फोकस किया। 2024 में उन्हें एक खतरनाक हेल्थ इश्यू (organ removal surgery) से गुजरना पड़ा। उन्होंने X पर शेयर किया कि “Founders को अपनी हेल्थ का ध्यान रखना चाहिए।” यह मोमेंट उनकी जर्नी का इमोशनल हिस्सा रहा, जिसने कम्युनिटी को और भी इंस्पायर किया। Crypto Leader की उपलब्धियां और प्रभाव Stani की जर्नी सिर्फ AAVE तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने पूरे Decentralized Finance Ecosystem को आगे बढ़ाया। DeFi में योगदान: AAVE को PwC Top 50 Blockchain Startups और CoinDesk’s Most Influential में जगह मिली।Mass Adoption: 2025 तक AAVE का TVL $44 बिलियन है, जो कई देशों के टॉप बैंक्स से भी ज्यादा है।मेंटरशिप: Stani ने कई ब्लॉकचेन स्टार्टअप्स को गाइड और फंड किया। DeFi का भविष्य और Stani का विजन एक Top Crypto Leader के तौर पर Stani मानते हैं कि Decentralized Finance अभी शुरुआती दौर में है। उनका फोकस अब रियल-वर्ल्ड एसेट्स (RWA) टोकनाइजेशन और AI-Governance पर है। उनका कहना है, “DeFi को किसी KYC या क्रेडिट स्कोर की ज़रूरत नहीं, बस इंटरनेट चाहिए।” 2025 में वे AAVE को इंस्टीट्यूशनल लेवल पर उपयोगी बनाने के लिए काम कर रहे हैं, जैसे टोकनाइज्ड ट्रेजरी और गवर्न्ड सेकेंडरी मार्केट्स। उनकी एक्टिविटी, जैसे Token2049 स्पीच और Devconnect ARG उनकी लीडरशिप को और मज़बूत करती है। फाइनल वर्ड्स AAVE Founder Stani Kulechov की कहानी बताती है कि कैसे विजन, मेहनत और इनोवेशन किसी भी इंडस्ट्री को बदल सकते हैं। हेलसिंकी के हॉस्टल से लेकर Avara के ग्लोबल ऑफिस तक उनकी जर्नी इस बात का सबूत है कि DeFi सिर्फ एक टेक्नोलॉजी नहीं बल्कि एक ग्लोबल मूवमेंट है। अगर आप भी क्रिप्टो और DeFi की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं, तो Stani की सलाह याद रखें: “Health, Hard Work और Humility यही हर फाउंडर के लिए जरूरी हैं।” To know More Visit- CryptoHindiNews #CryptoHindiNews #Hindi #Topcryptoleader #Defi #India

Top Crypto Leader, जानें AAVE Founder ने कैसे बदली DeFi की दुनिया

एक Crypto Leader जिसने बदल दी DeFi की परिभाषा
क्रिप्टोकरेंसी और DeFi की दुनिया में कुछ नाम ऐसे हैं, जिन्होंने न सिर्फ इंडस्ट्री को बदला बल्कि इसे मेनस्ट्रीम फाइनेंस के बराबर खड़ा कर दिया। इन्हीं में से एक हैं Stani Kulechov, AAVE Founder और Top Crypto Leader। उनकी जर्नी एक लॉ स्टूडेंट से शुरू हुई और आज वे उन विजनरी लीडर्स में शामिल हैं, जिन्होंने DeFi को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। यह सक्सेस स्टोरी सिर्फ प्रेरणा ही नहीं देती, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे एक आइडिया पूरी दुनिया की फाइनेंशियल सोच को री-डिफाइन कर सकता है।

Source: यह इमेज Top Crypto Leader Stani Kulechov के Linkedin Page से ली गयी है।
प्रारंभिक जीवन, चुनौतियों से भरा बचपन
Stani Kulechov का जन्म 1991 में Estonia में हुआ था, उस समय सोवियत यूनियन टूट रहा था और पूरा इलाका आर्थिक संकट से जूझ रहा था। इसी वजह से उनका परिवार Helsinki, Finland शिफ्ट हो गया। उनका बचपन आसान नहीं था, लेकिन इसी दौरान उनकी जिज्ञासा और इनोवेशन की भूख जागी।
महज 12 साल की उम्र में उन्होनें प्रोग्रामिंग शुरू कर दी थी। उन्होंने ऐसा एप्लीकेशन बनाया, जो ऐप स्टोर्स से मिलने वाले रिवार्ड्स को तुरंत क्रेडिट कर देता था। यही उनकी सक्सेस स्टोरी का पहला अध्याय था, जिसने उनकी टेक्नोलॉजी और फाइनेंस की रुचि को दिशा दी।
शिक्षा और ब्लॉकचेन की ओर पहला कदम
2015 में उन्होनें Helsinki University में लॉ की पढ़ाई शुरू की और 2018 में मास्टर्स डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान उन्हें Ethereum और उसके स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। इसने उन्हें यह सोचने पर मजबूर किया कि क्या फाइनेंशियल सिस्टम को बिना बैंक और मिडलमैन के, पूरी तरह डिसेंट्रलाइज्ड बनाया जा सकता है?
यूनिवर्सिटी में पढाई के दौरान उन्होंने Castrén & Snellman और Bird & Bird जैसी लॉ फर्म्स में इंटर्नशिप की, साथ ही Slush जैसे टेक इवेंट्स में वॉलंटियर भी रहे। इन्हीं अनुभवों ने उनकी नेटवर्किंग और विजन को मजबूत बनाया, जो बाद में उनकी सफलता की नींव साबित हुए।
ETHLend से $AAVE तक, DeFi का नया अध्याय
2017 में, यूनिवर्सिटी हॉस्टल में रहते हुए, इस Crypto Leader ने $ETH Lend लॉन्च किया। यह एक पीयर-टू-पीयर लेंडिंग प्लेटफ़ॉर्म था, जहां यूज़र्स क्रिप्टोकरेंसी को कोलैटरल देकर लोन ले सकते थे। उस वक्त Decentralized Finance का टोटल वैल्यू लॉक्ड (TVL) सिर्फ $200 मिलियन था, लेकिन इन्होनें इसे फाइनेंस का भविष्य माना।
2018 में ETHLend को रीब्रैंड करके AAVE नाम दिया गया। इसने Pooled Liquidity Model इंट्रोड्यूस किया, जिससे यूज़र्स अपने डिपॉजिट्स पर इंटरेस्ट अर्न कर सकते थे और आसानी से लोन ले सकते थे। AAVE का सबसे इनोवेटिव फीचर था Flash Loans, जो बिना कोलैटरल के तुरंत लोन देता है, बशर्ते उसी ट्रांजेक्शन में उसे वापस चुकाया जाए।
2020 में इसने $3 मिलियन की फंडिंग रेज की और 2021 तक इसका TVL $11 बिलियन से ऊपर पहुँच गया। 2025 तक इसका $44 बिलियन TVL के साथ दुनिया का सबसे बड़े DeFi Protocol है।
Avara और Lens Protocol, Crypto Leader के इनोवेशन
Stani का विजन सिर्फ लेंडिंग तक सीमित नहीं रहा। 2023 में उन्होंने Avara नाम की सॉफ्टवेयर कंपनी शुरू की, जो AAVE, Lens Protocol और GHO, जो AAVE का स्टेबलकॉइन है, को सपोर्ट करती है।
Lens Protocol (2022): एक डिसेंट्रलाइज्ड सोशल ग्राफ, जो क्रिएटर्स को अपने कंटेंट और डाटा पर पूरा कंट्रोल देता है। यह Web3 सोशल मीडिया का भविष्य माना जा रहा है।
GHO: AAVE का स्टेबलकॉइन, जो DeFi यूज़र्स को और ज्यादा फ्लेक्सिबिलिटी देता है।
Family Wallet: एक नया क्रिप्टो वॉलेट, जिससे Decentralized Finance को रोजमर्रा की ज़िंदगी में इस्तेमाल करना आसान हो सके।
Stani का विजन है Avara को एक "सुपरमार्केट" बनाना, जहां लेंडिंग, सोशल मीडिया और वॉलेट्स सब एक ही जगह मिलें।
चुनौतियां और सीखे हुए सबक
2022–23 का क्रिप्टो विंटर AAVE के लिए कठिन दौर था। FTX Collapse के बाद DeFi का TVL 75% तक गिर गया। लेकिन Stani ने हार मानने के बजाय इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर फोकस किया।
2024 में उन्हें एक खतरनाक हेल्थ इश्यू (organ removal surgery) से गुजरना पड़ा। उन्होंने X पर शेयर किया कि “Founders को अपनी हेल्थ का ध्यान रखना चाहिए।” यह मोमेंट उनकी जर्नी का इमोशनल हिस्सा रहा, जिसने कम्युनिटी को और भी इंस्पायर किया।
Crypto Leader की उपलब्धियां और प्रभाव
Stani की जर्नी सिर्फ AAVE तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने पूरे Decentralized Finance Ecosystem को आगे बढ़ाया।
DeFi में योगदान: AAVE को PwC Top 50 Blockchain Startups और CoinDesk’s Most Influential में जगह मिली।Mass Adoption: 2025 तक AAVE का TVL $44 बिलियन है, जो कई देशों के टॉप बैंक्स से भी ज्यादा है।मेंटरशिप: Stani ने कई ब्लॉकचेन स्टार्टअप्स को गाइड और फंड किया।
DeFi का भविष्य और Stani का विजन
एक Top Crypto Leader के तौर पर Stani मानते हैं कि Decentralized Finance अभी शुरुआती दौर में है। उनका फोकस अब रियल-वर्ल्ड एसेट्स (RWA) टोकनाइजेशन और AI-Governance पर है। उनका कहना है, “DeFi को किसी KYC या क्रेडिट स्कोर की ज़रूरत नहीं, बस इंटरनेट चाहिए।”
2025 में वे AAVE को इंस्टीट्यूशनल लेवल पर उपयोगी बनाने के लिए काम कर रहे हैं, जैसे टोकनाइज्ड ट्रेजरी और गवर्न्ड सेकेंडरी मार्केट्स। उनकी एक्टिविटी, जैसे Token2049 स्पीच और Devconnect ARG उनकी लीडरशिप को और मज़बूत करती है।
फाइनल वर्ड्स
AAVE Founder Stani Kulechov की कहानी बताती है कि कैसे विजन, मेहनत और इनोवेशन किसी भी इंडस्ट्री को बदल सकते हैं। हेलसिंकी के हॉस्टल से लेकर Avara के ग्लोबल ऑफिस तक उनकी जर्नी इस बात का सबूत है कि DeFi सिर्फ एक टेक्नोलॉजी नहीं बल्कि एक ग्लोबल मूवमेंट है।
अगर आप भी क्रिप्टो और DeFi की दुनिया में कदम रखना चाहते हैं, तो Stani की सलाह याद रखें:
“Health, Hard Work और Humility यही हर फाउंडर के लिए जरूरी हैं।”

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